चक्रावाती तुफान का अलर्ट, इन राज्यों में भारी होगी बारीश: फरवरी का महीना बदलाव का चरण होता है, जहाँ शीत ऋतु विदा हो रही है और ग्रीष्म ऋतु का आगमन शुरू हो गया है। 10 फरवरी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ (WD) उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, मैदानी इलाकों में पंजाब और हरियाणा के उत्तरी जिलों के साथ-साथ चंडीगढ़ में आज हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। दिल्ली में भी बादलों की आवाजाही रहेगी, लेकिन मुख्य रूप से मौसम साफ रहने की ही उम्मीद है।
तापमान की बात करें तो गुजरात और राजस्थान में गर्मी पहले ही दस्तक दे चुकी है और पारा काफी ऊपर जा चुका है। हालांकि, उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के प्रभाव से मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और उड़ीसा के कुछ हिस्सों में अभी तापमान नियंत्रण में बना हुआ है। जैसे-जैसे इन हवाओं की रफ्तार और ठंडक कम होगी, इन राज्यों में भी गर्मी तेजी से बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश के तराई वाले जिलों जैसे मेरठ और सहारनपुर में भी आज हल्की बूंदें पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
11 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के आगे निकल जाने के बाद देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम फिर से साफ और शुष्क हो जाएगा। पहाड़ों पर बर्फबारी रुकने के बाद वहां से आने वाली ठंडी हवाएं राजस्थान, दिल्ली, आगरा, मथुरा और ग्वालियर तक पहुँचेंगी, जिससे रात और सुबह के समय गलन बढ़ सकती है। हालांकि, दिन में तेज धूप के कारण ठंडी हवाओं का असर कम महसूस होगा। दक्षिण भारत में केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन भारी बारिश की कोई विशेष उम्मीद नहीं है।
12 फरवरी तक उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में ठंडी हवाओं का असर बना रहेगा, जिससे रात के तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। मध्य भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाने की संभावना है, लेकिन बारिश की गतिविधियां मुख्य रूप से तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक ही सीमित रहेंगी। कुल मिलाकर, आने वाले दो-तीन दिन उत्तर भारत में सुबह-शाम की ठंडक और दिन की बढ़ती धूप का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा।












